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मेरे जब तू पास है वतन है ये अपना चमन दुविधा लगता है मेरे ही हाथों कुल का विध्वंस लिखा है हिन्दीकविता hindikavita free india वतन हमारा ऐसा है प्यारा पैसा है रिश्तेदार मेरे सेंटा हमराज़ है साया है अक्स है हर तरह दिखाता सही राह वोही मेरे मन को !

Hindi मेरे वतन है Poems